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गृह युद्ध क्या है- What is the civil war

गृहयुद्ध एक ही राष्ट्र के अन्दर संगठित गुटों के बीच में होने वाले युद्ध को कहते हैं। कभी-कभी गृह युद्ध ऐसे भी दो देशों के युद्ध को कहा जाता है जो कभी एक ही देश के भाग रहे हों। गृहयुद्ध में लड़ने वाले गिरोहों के ध्येय भिन्न प्रकार के होते हैं। कुछ पूरे देश पर नियंत्रण पाकर अपनी मनचाही व्यवस्था लागू करना चाहते हैं, कुछ देश की सरकारी नीतियाँ बदलना चाहते हैं और कुछ देश को विभाजित करके अपने क्षेत्र को स्वतन्त्र बनाना चाहते हैं।

गृहयुद्धों अक्सर बहुत घातक होते हैं - लाखों मर सकते हैं, करोड़ों बेघर हो सकते हैं, देश में दशकों तक चलने वाली भयंकर ग़रीबी और भुखमरी फैल सकती है और देश का उद्योग लम्बे अरसे के लिए चौपट हो सकता है।


अमेरिकी गृह युद्ध

साल 1861 से 1865 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी और उत्तरी राज्यों में  दासप्रथा को लेकर युद्ध हुआ. इसे ही अमेरिकी गृह युद्ध (american civil war) कहा जाता है. इस युद्ध में उतरी राज्यों की जीत हुई.  इस युद्ध में 6 लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मारे गए. भले ही ये युद्ध 1861 से 1865 तक ही चला हो,मगर इसकी पृष्ठभूमि काफी पहले रखी गई थी. आखिर क्या कारण था कि एक ही देश में युद्ध हो गया.

‘दासप्रथा’ को लेकर संघर्ष

धीरे-धीरे संघर्ष और भी गहरा होता गया. जहां एक ओर उत्तरी राज्य दास प्रथा को खत्म करना चाहते थे, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण वाले इसे रखना चाहते थे. उन्होंने दास प्रथा के समर्थन में सार्वजनिक सभायें तक करनी शुरु कर दी थी. इसी बीच यूएस कांग्रेस ने कान्सास-नेब्रास्का अधिनियम पारित किया. इसके अनुसार दास प्रथा को हटाने का फरमान दे दिया गया.

दासप्रथा का उन्मूलन

पश्चिम में दासप्रथा उन्मूलन संबंधी वातावरण 18वीं शती में बनने लगा था। अमरीकी स्वातंत्र्य युद्ध का एक प्रमुख नारा मनुष्य की स्वतंत्रता था और फलस्वरूप संयुक्त राज्य के उत्तरी राज्यों में सन् 1804 तक दासताविरोधी वातावरण बनाने में मानवीय मूल अधिकारों पर घोर निष्ठा रखनेवाली फ्रांसीसी राज्यक्रांति का अधिक महत्व है। उस महान क्रांति से प्रेरणा पाकर सन् 1821 में सांतो दोमिंगो में स्पेन के विरुद्ध विद्रोह हुआ और हाईती के हब्शी गणराज्य की स्थापना हुई। अमरीकी महाद्वीपों के सभी देशों में दासताविरोधी आंदोलन प्रबल होने लगा।

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